अगले 9 दिनों में नया घर या जमीन खरीदना होगा बेहद शुभ, जानिए क्यों?

Navratri 2018 , नवरात्रि 2018

इन्फोपत्रिका, नई दिल्ली.
नवरात्रि हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है, जिसमें 9 देवियों की आराधना की जाती है. 18 मार्च को जहां नवरात्रि शुरू हो रही है, वहीं नया हिन्दू वर्ष भी आरंभ हो रहा है. ज्योतिष विज्ञान के जानकार मानते हैं कि ये 9 दिन बेहद शुभ रहने वाले हैं. क्योंकि इस दौरान सभी नक्षत्र शुभ स्थिति में रहेंगे और इस समय में खरीदा गया नया घर, ऑफिस और जमीन लाभदायी साबित होंगे.

अतिशुभ है सर्वार्थसिद्धि योग

नवरात्रों के पहले तीन दिन (18, 20 और 21 मार्च) ‘सर्वार्थसिद्धि’ योग बन रहा है जोकि अति शुभ माना जाता है. 24 मार्च को त्रिपुष्कर योग बन रहा है. माना जाता है कि इस योग में कोई भी काम तिगुना फल देता है. 19, 23 और 25 मार्च भी अच्छे योग बन रहे हैं.

18 मार्च को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 33 मिनट पर होगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिन की शुरुआत सूर्योदय से सूर्योदय तक मानी जाती है. नवरात्र की प्रतिपदा तिथि 17 मार्च को शाम 6 बजकर 41 मिनट से प्रारंभ होकर 18 मार्च को शाम 6 बजकर 32 मिनट तक रहेगी, जिस वजह से नवरात्र का प्रारंभ 18 मार्च से होगा.

जीवन बनेगा पॉजिटिव

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र 17 मार्च को शाम 7 बजकर 43 मिनट से 18 मार्च को शाम आठ बजकर 9 मिनट तक रहेगा. इसलिए उत्तराभाद्रपद नक्षत्र भी प्रतिपदा तिथि में ही है. इस वर्ष नवरात्र तिथि सूर्योदय सुबह 6 बजकर 34 मिनट पर मीन लग्न में है. लग्न का स्वामी बृहस्पति तुला राशि का है. लग्न में सूर्य, बुध, चंद्रमा और मीन लग्न में उच्च का शुक्र होने के कारण मालव्य नामक योग बन रहा है.

यह योग ज्योतिष गणित के अनुसार 18 वर्ष के बाद आ रहा है. मालव्य योग बनने से सुख शांति और समृद्धि में वृद्धि होती है. घर में क्लेश दूर होता है. स्वास्थ्य के लिए यह योग बहुत ही अच्छा है. सूर्य राज और मंत्री शनि होने से देश की उन्नति होगी. जीवन सुखमय रहेगा.

कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त

कलश स्थापित करने का मुहूर्त सुबह 9 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक है. सबसे शुभ मुहूर्त दिन में 11 बजकर 34 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक का है. इस समय अभिजीत मुहूर्त और अमृत का चौघड़िया है. 18 मार्च को सूर्योदय 6 बजकर 34 मिनट पर है. छह बजकर 34 मिनट से 8 बजकर 4 मिनट तक उद्वेग की चौघड़िया है. सुबह 8 बजकर 4 मिनट से 9 बजकर 34 मिनट तक चर की चौघड़िया है. इसलिए सुबह 6 बजकर 34 मिनट से 9 बजकर 34 मिनट तक कलश स्थापना नहीं करना चाहिए.
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