भूतिया कंपनियों को दिया पैसा, और अब लालू पहुंच गए जेल!

लालू प्रसाद यादव | Lalu Prasad Yadav

इन्फोपत्रिका, नई दिल्ली/रांची।
चारा घोटाले के संबंधित एक मामले में RJD सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है। CBI की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के इस दूसरे मामले में दोषी पाए गए लालू यादव पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। ये जुर्माना दो अलग-अलग मामलों में (5-5 लाख रुपये प्रत्येक) है। यदि ये जुर्माना न चुकाया गया तो सजा 6 और महीने के लिए बढ़ जाएगी। अदालत ने इस सजा को गैर-जमानती बनाया है, मतलब सजायाफ्ता दोषियों को जमानत के लिए हाईकोर्ट जाना होगा।

ये मामला देवघर कोषागार से अवैध तरीके से 89.27 लाख रुपये निकालने का है, जोकि चारा घोटाले का एक हिस्सा है। इसी मामले में दोषी पाए गए फूल चंद्र, महेश प्रसाद, सुनील कुमार, बेक जूलियस, राजाराम, राजेंद्र प्रसाद, सुधीर कुमार और सुशील कुमार को भी साढ़े तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है। बता दें कि 24 दिसंबर 2017 को CBI की विशेष अदालत ने इस केस में कुल 16 लोगों को दोषी पाया था, जिनमें से एक लालू प्रसाद यादव भी थे।

भूतिया कंपनियों को जारी किया पैसा

जनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले का खुलासा हुआ था। तत्कालीन उपायुक्त अमित खरे ने पशुपालन विभाग के दफ्तरों पर छापा मारा था। इस दौरान ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे पता चला कि 1990 के दशक में ऐसी कंपनियों को सरकारी कोषागार से चारा आपूर्ति के नाम पर पैसे जारी किए गए, जो कंपनियां वास्तव नें थी ही नहीं। इन कंपनियों को भूतिया इसलिए कहा जा सकता है कि भूत किसी ने देखे नहीं, मगर उनके चर्चे जरूर होते हैं।

रांची में सीबीआई कोर्ट ने 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से अवैध तरीके से 89.27 लाख निकालने से जुड़े मामले में बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को सजा सुनाई गई है। कोर्ट दिसंबर में ही लालू समेत 16 लोगों को दोषी ठहरा चुका था। इससे पहले सुनवाई के दौरान CBI के वकील ने दोषियों को अधिकतम सजा देने की मांग की थी, जबकि लालू के वकील ने उनके खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा देने की अपील की थी।

1996 में पटना हाईकोर्ट ने चारा घोटाले में जांच के आदेश दिए थे। देवघर कोषागार केस में 1997 में 38 लोगों पर चार्जशीट दर्ज हुई थी। 38 में से 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 सरकारी गवाह बन गए गए। दो आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया था।

Leave a Reply

loading...