विश्लेषण : हिन्दुओं पर क्यों डोेरे डाल रही हैं BJP की धुर विरोधी पार्टियां

Ram Mandir , राम मंदिर

इन्फोपत्रिका, नई दिल्ली.
एक समय था जब मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति चरम पर थी. समय का चक्र ऐसा घूमा कि अब राजनीति हिन्दुओं (Hinduism) के इर्द-गिर्द होने लगी है. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) मंदिरों के चक्कर लगा रहे हैं तो कांग्रेस के तमाम नेतागण खुद को हिन्दू हितैषी साबित करने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं. अब भारतीय जनता पार्टी के धुर विरोधी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने दावा पेश किया है कि वे अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) बनवाएंगे. हालांकि ये बात गले नहीं उतरती कि बिहार की पार्टी उत्तर-प्रदेश में कैसे राम मंदिर बनवा पाएगी?

बिहार की ईंटों से बनेगा यूपी में राम मंदिर

लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने नालंदा के प्रसिद्ध शीतला-अष्टमी (Sheetla Ashtami Mela) मेले में कहा कि अगली बार बिहार में अगर उनकी सरकार बनीं तो सभी धर्मों के साथ मिलकर बिहार से एक-एक ईंट यूपी ले जाएंगे और वहां राम मंदिर बनाएंगे. तेजप्रताप ने कहा कि बीजेपी राम मंदिर बनाने के नाम पर लोगों के वोट तो ले लेती है, लेकिन मंदिर बनाने में पीछे हट जाती है. तेजप्रताप ने दावा किया कि 2019 के चुनाव में आरजेडी किंगमेकर की भूमिका निभाएगी.

विश्लेषण तो ये है कि…

हमारा विश्लेषण ये कहता है कि अब राजनीतिक दल अब हिन्दू वोट बैंक (Hindu Vote Bank) को रिझाने में अधिक दिलचस्पी ले रहे हैं. 2014 लोकसभा चुनावों के वक्त नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने हिन्दू राजनीति का जो तीर चलाया था, वो एकदम सटीक लगा. 2014 से पहले ज्यादातर राजनीतिक पार्टियां मुस्लिम वोट बैंक के सहारे नैया पार लगाने की फिराक में रहती थीं, मगर भाजपा ने इसके उलट जाकर हिन्दू हितैषी राजनीति शुरू की. और इसमें सफलता भी हासिल की.

बाबरी मस्जिद , Babari Demolation
2014 लोकसभा के बाद कई विधानसभाओं में हिन्दुओं ने सत्ता परिवर्तन में अहम भूमिका निभाई, जिसमें कि उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा नाम है. जब गुजरात विधानसभा के चुनाव आए तो कांग्रेस ने भांप लिया कि हिन्दुओं से दूर रहने की सज़ा के तौर पर उन्हें लगातार हार मिल रही है, सो राहुल गांधी मंदिर-मंदिर जाने लगे. बयान जारी हुआ कि राहुल गांधी जनेऊधारी हिन्दू हैं. कांग्रेस के बड़े नेताओं ने खुद के हिन्दू हितैषी होने के दावे किए. अब बाकी पार्टियां भी जान चुकी हैं कि यदि सत्ता में लौटना है तो बहुसंख्यक समाज को ताक पर नहीं रखा जा सकता. उनकी बात करनी ही होगी, फिर चाहे वो वोट पाने तक ही सीमित क्यों न हो.

Rahul Gandhi in Temple

कोई राजनीतिक दल नहीं बनवा सकता राम मंदिर

अब आरजेडी नेता तेजप्रताप यादव को कौन समझाए कि अयोध्या में राम मंदिर बनाना किसी भी राजनीतिक दल के बूते की बात नहीं है. ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कई पक्ष कोर्ट से बाहर एक सहमति की दिशा में प्रयासरत हैं.

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