BJP ने आंबेडकर के नाम में जोड़ा ‘रामजी’, मायावती को नहीं भाया

B R Ambedkar | भीमराव आंबेडकर

इन्फोपत्रिका, नई दिल्ली / लखनऊ.
उत्तर प्रदेश के राजकीय अभिलेखों में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम में सरकार ने ‘रामजी’ जोड़कर इस्तेमाल करने को कहा है तो मायावती ने इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया है. दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को सभी विभागों और इलाहाबाद-लखनऊ की सभी हाई कोर्ट की बेंचों को आदेश दिया कि डॉ. अांबेडकर का पूरा नाम इस्तेमाल किया जाए और उनका पूरा नाम है डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर.

विस्तार से- मायावती का गेस्ट हाउस कांड – इज्जत पर डाला गया था हाथ

क्या है बाबा साहेब का पूरा नाम?

बता दें कि संविधान के पन्ने में बाबा साहब का डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के नाम से हस्ताक्षर शामिल है. बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा के निदेशक डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने बताया कि राज्यपाल राम नाईक ने दिसंबर 2017 में इस संबंध में एक अभियान शुरू किया था. राम नाईक ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और महासभा को पत्र लिखकर आंबेडकर के नाम का सही उच्चारण और सही नाम लिखने की बात उठाई थी.

मायावती को पसंद नहीं आया रामजी

Mayawati with sword

यूपी सरकार के इस फैसले से बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती नाराज हैं. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बाबा साहब के नाम को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया. मायावती ने कहा कि BJP वोटों के लिए ऐसा कर रही है. मायावती ने कहा, ‘बाबा साहब दलितों की चिंता करते थे, जबकि बीजेपी उनके नाम पर नाटक करती है.’ मायावती ये भी दावा किया कि बाबा साहब खुद भी अपना नाम बीआर आंबेडकर ही लिखते थे. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी पूरा लिखा जाता है?

पढ़ें- बीजेपी विधायक ने बचाई थी मायावती की इज्जत!

Leave a Reply

loading...