2019 में ऐसे सत्ता से बेदखल हो सकती है भारतीय जनता पार्टी!

modi and amit shah

इन्फोपत्रिका.
पिछले उप-चुनावों के नतीजों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. बिहार हो या उत्तर प्रदेश, लगभग हर राज्य में एकत्र हुए विरोधी दलों ने मजबूत मोदी सरकार की नींद उड़ा दी है. हालांकि इस सूत्र को विपक्ष ने समझ तो लिया है, लेकिन वह कितने समय तक एकजुट रह पाएगा, इस पर सवाल है. यदि 2019 के लोकसभा चुनावों में विपक्ष एकजुट रहा तो बीजेपी को सत्ता से बेदखल करना बहुत मुश्किल काम नहीं होगा.

छोटे पहलवानों ने मिलकर हराया बड़े को

मई 2018 में 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए और गुरुवार को आए नतीजों में बीजेपी सिर्फ पालघर की लोकसभा और उत्तराखंड की थराली विधानसभा सीट ही जीत पाई. पार्टी उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा सीट भी नहीं बचा पाई. इस चुनाव के लिए बीजेपी ने ताकत तो लगाई मगर एकजुट विपक्ष के आगे BJP की मृगांका सिंह RLD की तबस्सुम से हार गईं.

by-poll results 2018
हालांकि कैराना चुनाव एक तरह से नाक की लड़ाई थी, लेकिन छोटे राजनीतिक दलों ने मिलकर बड़े का सामना किया और पटखनी दे दी. इस चुनाव में ध्यान देने योग्य बात ये है कि बीजेपी और RLD के उम्मीदवारों को मिले वोटों में ज्यादा फर्क नहीं था.

अब क्या रणनीति बनाएगी बीजेपी

ये कहना अभी मुश्किल है कि बीजेपी की रणनीति क्या होगी, मगर एक बात तो तय है कि जो जोर बीजेपी ने 2014 में लगाया था, इस बार उससे दोगुना जोर लगाना पड़ेगा. फिर भी ये नहीं कहा जा सकता कि पूर्ण बहुमत मिल पाएगा. ऐसे में पार्टी के सामने दो रास्ते हैं.

पहला रास्ता ये कि पार्टी का वोट बैंक बढ़ाया जाए और नए नवयुवकों को जोड़ा जाए. यदि बीजेपी और आरएसएस ये काम करने में सक्षम होती है तो काम आसान हो जाएगा. और दूसरा रास्ता है चुनावों से पहले अपने नए अलांयस खोजना. यदि कुछ क्षेत्रीय दल एनडीए में शामिल होते हैं तो वे सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

2019 चुनावों को लेकर आपको क्या लगता है?

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