पाकिस्‍तान का हर चौथा पायलट फर्जी, बिना डिग्री उड़ा रहे प्‍लेन

Pakistan fake pilot

इन्‍फोपत्रिका डेस्‍क


फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के सहारे आपने कार, ट्रक और मोटरसाइकिल चलाते हुए लोगों के पकड़े जाने के मामले तो खूब देखे होंगे। लेकिन क्‍या आपने कभी ऐसे पायलटों के बारे में सुना है जो फर्जी कागजातों के सहारे पायलट बनकर विमान उड़ा रहे थे। अगर आपने नहीं सुना तो अब सुन लो। यह हुआ है पाकिस्‍तान में। पाकिस्‍तान एविएशन अथॉरिटी ने अपनी जांच में इस साल 124 ऐसे पायलटों को चिन्ह्ति किया है जिनपर फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने का शक है।


Pakistan fake pilot
Image : PIA

इन 124 पायलटों में से 24 पायलटों पर तो दोष सिद्ध भी हो चुका है और उन्‍हें नौकरी ने निकाला जा चुका है। ये सभी पायलट पाकिस्‍तान की सरकार एयरलाइन पाकिस्‍तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) में कार्यरत थे। पीआईए में कुल 451 पायलट हैं। उनमें 124 के फर्जी होने के शक ने पीआईए की साख को गहरा धक्‍का पहुंचाया है। इस तरह सरकारी एयरलाइन्‍स का हर चौथा पायलट फर्जी डिग्रीधारी है। वैसे अभी पाकिस्‍तान को झटका और भी लगना है क्‍योंकि उसकी निजी एयरलाइन्‍स कंपनियों के कर्मचारियों की जांच-पड़ताल जारी है और वहां भी बड़ी संख्‍या में मुन्‍नाभाई पायलट जहाज उड़ाते मिलने की पूरी संभावना है।

ऐसे पता चला मुन्‍नाभाई पायलटों का

पाकिस्‍तान में कई सालों से यह बात कही जा रही थी कि पीआईए और पाकिस्‍तान की निजी एयरलाइंस कंपनियों में बड़ी मात्रा में पायलट और क्रु मैंबर फर्जी कागजातों के सहारे नौकरी कर रहे हैं। मामला पाकिस्‍तान के सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। फिर इस मामले की जांच का जिम्‍मा पाकिस्‍तान की सिविल एविएशन अथॉरिटी को सौंपा गया। अथॉरिटी ने अब सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इस साल पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के 24 पायलट और 67 क्रू मेम्बर फर्जी डिग्री के साथ पकड़े गए। मामले के सामने आने के बाद 17 पायलटों ने इस्तीफा दे दिया है। 7 को कोर्ट से स्टे ऑर्डर मिला है। सरकारी एयरलाइंस पीआईए के 1,972 कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की गई।


ये भी पढ़ें- जानिए, आंधी-तूफान में कैसे बचाएं जान और माल

124 पायलट जांच के घेरे में

सुप्रीम कोर्ट में सीएए की तरफ से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है, “पीआईए के मौजूदा 451 पायलटों में से 319 की डिग्री/सर्टिफिकेट सही पाए गए। 124 पायलटों की डिग्री/सर्टिफिकेटों की जांच चल रही है। फर्जी डिग्री वाले सात पायलट अब भी काम कर रहे हैं क्योंकि अदालत ने उनके पक्ष में स्‍थगन आदेश दिया हुआ है। पीआईए में फर्जीवाड़े का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी 2016 में 39 और 2014 में 300 कर्मचारी फर्जी डिग्री के चक्कर में नौकरी गंवा चुके हैं।

अभी बढेगा यह आंकड़ा

पीआईए के बाद अब प्राइवेट एयरलाइंसों की बारी है। प्राइवेट एयरलाइंस शाहीन एयर, एयर ब्लू और सेरेने एयर ने अपने पायलटों और केबिन क्रू के दस्तावेजों की जांच करने के लिए कुछ वक्त मांगा है। जानकारों का कहना है कि निजी एयरलाइंस में भी बड़ी मात्रा में फर्जी डिग्रीधारी पायलट और अन्‍य स्‍टाफ मिलेगा। हवाई परिचालन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक अत्‍यंत गंभीर मामला है। अगर कोई पायलट फर्जी कागजातों के सहारे नौकरी पाता है तो इसका अर्थ ये हुआ कि वह काबिल नहीं है। एक नाकाबिल पायलट कभी भी यात्रियों की जान का दुश्‍मन बन सकता है।

पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री की भी आई शामत

यह मामला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने शाहिद खाकान अब्बासी की भी लुटिया डुबो सकता है। अब्बासी एयर ब्लू के सीईओ और प्रेसीडेंट हैं। फर्जी डिग्री मामले में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने सारी एयरलाइनों के शीर्ष अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस मियां शाकिब निसार ने अपने आदेश में कहा, “हमने एयर ब्लू के सीईओ को समन किया है। उन्हें खुद को एयर ब्लू के चीफ की तरह पेश करना होगा, न कि प्रधानमंत्री की तरह।” सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री का एक निजी एयरलाइन कंपनी का सीईओ होना, हितों के टकराव का गंभीर मामला भी है।

loading...