गजब! हवा की खेती करके ये कंपनियां कमा रही हैं करोड़ों रुपए

Air farming

इन्‍फोपत्रिका डेस्‍क


दुनिया में प्रदूषण दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। शहरों में सांस लेना दूभर हो रहा है। भारत सहित दुनिया।के बहुत से देशों के कई बड़े शहरों की हवा अत्‍यंत जहरीली हो चुकी है। भले ही वायु प्रदूषण करोड़ों लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया हो, लेकिन इस दुनिया में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके लिए यह वरदान साबित हो रहा है। उन लोगों ने स्‍वच्‍छ हवा को बेचने का कारोबार शुरू कर दिया है। इस कारोबार को नाम दिया गया है एयर फार्मिंग यानि हवा की खेती।

क्‍या है हवा की खेती

ये कारोबार भी बोतलबंद पानी बेचने जैसा ही है। जैसे पानी को साफ करके उसे बोतल में भरा जाता है, वैसे ही हवा को भी डिब्‍बों में बंद किया जाता है। कनाडा की कंपनी वाइटैलिटी और ब्रिटेन की कंपनी एथाएयर कनाडा और ब्रिटेन की उन जगहों से हवा को एकत्रित करती हैं, जहां की वायु अत्‍यंत साफ और पूरी तरह प्रदूषण मुक्‍त है। इस साफ हवा को एयरटाइट डिब्‍बों में भरकर विश्‍वभर में फैले ग्राहकों को ऑनलाइन ऑर्डर आने पर भेजा जाता है। यानि की जैसे आप साफ़ पानी पीने के लिए बोतलबंद पानी ख़रीदते हैं। वैसे ही, साफ़-सुथरी सांस लेने के लिए आप कैन में बंद शुद्ध हवा भी अब ख़रीद सकते हैं। यही है डर की हवा का नया कारोबार, जो बड़ी तेज़ी से फैल रहा है।

कैसे होती है यह खेती

शुद्ध हवा को एकत्रित करने के लिए काफी मेहनत करनी पडती है। पहले शुद्ध हवा किस जगह मिलेगी, इसका चयन किया जाता है। एयर फार्मर यानि के हवा किसान फिर एक डंडे पर लगाए एक विशेष जाल में जार को रखकर जिस ओर से हवा बह रही है उस ओर भागते हैं। फिर इस जार को एयरटाइट कर दिया जाता है। नीचे दिए गए वीडियो को देखकर आपको समझ में आ जाएगा कि हवा को कैसे बंद किया जाता है। हालांकि ये वीडियो अंग्रेजी में है, फिर भी इसे देखने पर आपको हवा के इस धंधे की तकनीक समझ आ जाएगी।



Video : Youtube

भारत भी खरीदार

कनाडा के एडमॉन्टन शहर में स्थित वाइटैलिटी कंपनी, वहां के रॉकी पर्वतमाला से शुद्ध हवा को डिब्बों में बंद करके बेचती है। एक कैन की क़ीमत क़रीब 24 डॉलर या 1600 रुपए है। इससे आप 160 बार सांस ले सकते हैं। कंपनी का कहना है कि उनकी ये डिब्बाबंद शुद्ध हवा के चीन, दक्षिण कोरिया और भारत में बहुत से ख़रीदार हैं। इन दिनों वाइटैलिटी की शुद्ध हवा के दस हज़ार डिब्बे हर महीने चीन में बिकते हैं।

Air farming
Image : vitalityair.com

कंपनी का कहना है कि जल्‍दी ही ये आंकड़ा 40 हज़ार को पार कर जाएगा। कंपनी ने भारत में भी हाल में ही डिब्बाबंद हवा बेचनी शुरू की है।भारतीय ग्राहक ऑनलाइन आर्डर कर कंपनी के प्रोडेक्‍ट मंगा सकते हैं।


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ब्रिटेन की हवा मिलेगी भारत में

ऐसा ही काम ब्रिटिश कंपनी एथाएयर कर रही है। ये कंपनी ब्रिटेन के ग्रामीण इलाक़ों से हवा शुद्ध हवा जमा करके जार मे बंद करके बेचती है। एक जार की क़ीमत 103 डॉलर या क़रीब 7 हज़ार रुपए है। पूरी दुनिया में इन जारों को भेजा जाता है। एथाएयर के संस्थापक लियो डे वाट्स ने ये काम लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक करने के लिए शुरू किया था। उन्होंने इसे ‘एयर फार्मिंग’ या हवा की खेती का नाम दिया। शुद्ध हवा बेचने से एथाएयर जो पैसे कमाती है, उसे सस्ते ब्रीदिंग मास्क बनाने के काम में इस्तेमाल किया जाता है। उनकी डिब्बाबंद हवा का सबसे बड़ा ख़रीदार चीन है।

तिकड़म या कारोबार

हालांकि वैज्ञानिक हवा बेचने के इस कारोबार को लेकर ज़्यादा उत्साहित नहीं हैं। अब तक रिसर्च से ये साबित नहीं हुआ है कि डिब्बाबंद हवा से आपकी सेहत को बहुत फ़ायदा होता है। ज़्यादातर वैज्ञानिक इसे तिकड़म या कारोबार का हथकंडा मानते हैं। आज धरती की बिगड़ती आबो-हवा पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन गई है। इसका डर लोगों को सेहत की फिक्र करने को मजबूर करता है। डर की यही हवा लोगों के लिए कारोबार का ज़रिया बन गई है।

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