जानिए, कौनसे पेड़-पौधे घर में लाते हैं बरकत और कौनसे बर्बादी

रविन्‍द्र कुमार सैनी/इन्‍फोपत्रिका


धार्मिक और वास्‍तुकला की दृष्टि से हमारे प्राचीन ग्रथों में उन पेड़-पौधों का पूर्ण विवरण दिया गया है जो घर में लगाए जा सकते हैं और जिनको नहीं लगाया जा सकता। वृहतसंहिता में तो न केवल घर में लगाए जा सकने वाले और न लगाए जा सकने वाले पेड़ों के बारे में ही बताया गया है बल्कि यह यह भी वर्णन किया गया है कि कौन सा पेड़ घर में किस दिशा में लगाया जाना चाहिए।


कुछ ऐसे पेड़ हैं जो घर में बरकत लाते हैं तो कुछ ऐसे भी हैं जिनकी मौजूदगी घर की सुख-शांति और धन-दौलत तक छीन लेती है। घर में लगाया गया कोई शुभ पेड़ अगर गलत दिशा में लगा दिया जाए तो इससे शुभ फल मिलने की जगह अशुभ प्रभाव पैदा हो जाते हैं।

तुलसी

घर में पेड़ लगाने के नियम
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तुलसी के महत्‍व का वर्णन हमारे शास्‍त्रों में भी किया गया है और आधुनिक विज्ञान भी इसकी महत्‍ता को मानता है। तुलसी को लक्ष्‍मी का रूप माना जाता है। शास्‍त्रों में कहा गया है कि तुलसी का पौधा घर में विपत्ति आने से रोकता है। स्‍कंद पुराण में तो यहां तक कहा गया है कि जिस घर में तुलसी का बगीचा होता है एवं पूजन होता है उस घर में यमदूत प्रवेश नहीं करते। तुलसी का पौधा घर में नकारात्‍मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्‍मक ऊर्जा प्रवाहित करता है।


तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर है। यह अपने चारों ओर 50 मीटर तक का वातावरण भी शुद्ध रखता है। तुलसी को घर में उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। भविष्यपुराण में कहा गया है कि की दक्षिण दिशा में तुलसी नहीं लगानी चाहिए अन्यथा घर में रोग व आर्थिक नुकसान होता है।

सफेद आक

घर में पेड़ लगाने के नियम
इसे गणपति का पौधा मानते हैं और यह दूध वाला होता है। वैसे तो वास्तु के हिसाब से दूध वाले पौधे अशुभ होते हैं, सफेद आक इस मामले में अपवाद है। जिस घर में यह पौधा फलता-फूलता है वहां हमेशा बरकत बनी रहती है। जिस घर में यह पौधा लगा होता है उस घर पर कोई बुरी नजर नहीं लगती और वह काली शक्तियों से भी मुक्त रहता है। उस घर में रहने वाले लोगों पर किसी जादू-टोने का असर नहीं होता। आक का पेड़ मुख्‍यद्वार के सामने लगाना चाहिए। शिवजी के पूजन में इसके फूलों का प्रयोग होता है।

केला

घर में पेड़ लगाने के नियम
शास्‍त्रों के अनुसार केले के पेड़ में साक्षात देवगुरू बृहस्पति का वास है। यह सुख-संपत्ति प्रदायक है। जिन घरों में होता है उन घरों की यह आर्थिक स्थिति कभी खराब नहीं होती। ज्योतिषशास्त्र में गुरू को धन, विद्या, संतान सुख एवं विवाह का कारक माना गया है। इसलिए घर में गुरु के प्रतिनिधि केला को लगाना और उसकी पूजा करना बहुत लाभदायक है। केले के पेड़ को ईशान कोण की दिशा में ही लगाया जाना चाहिए।

आंवला

घर में पेड़ लगाने के नियम

घर में पेड़ लगाने के नियम
आंवला भी एक शुभ पेड़ है। आंवले का वृक्ष घर में लगाना वास्तु की दृष्टि से भी शुभ माना जाता है। ज्‍योतिषशास्‍त्र भी आवंले को मानता है और कुछ ग्रहदोष को दूर करने में आंवला बहुत काम आता है। ऐसा माना जाता है कि कार्तिक मास में स्वयं भगवावन विष्णु आंवले की जड़ में निवास करते हैं।


आंवले को पूर्व दिशा में लगाने से सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता है। इसे घर की उत्‍तर दिशा में भी लगाया जा सकता है। शास्‍त्रों में कहा गया है कि यदि कोई आंवले का एक वृक्ष लगाता है तो उस व्यक्ति को एक राजसूय यज्ञ के बराबर फल मिलता है।

अनार का पेड़

घर में पेड़ लगाने के नियम
घर में फलदार पौधे लगाना वर्जित माना गया है। लेकिन अनार को एक फलदार पौधा होते हुए भी घर में लगाना शुभ माना गया है। वास्तु के अनुसार, यह ग्रह दोष को दूर करने और व्यक्ति को समृद्धि बनाने वाला है। घर में अनार का पेड़ होने से ग्रह दोषों से बचा जा सकता है। घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्‍य और वंश में बढोतरी हेतू आग्‍नेय कोण (पूरब दक्षिण) में अनार का पौधा लगाना चाहिए। इन पेड़-पौधों के अलावा शास्त्रों में गुड़हल, अशोक वृक्ष, शमी, बेल और नीम आदि पेड़ों का घर में होना शुभ बताया गया है।

ये पेड़ भूलकर भी न लगाएं

घर में पेड़ लगाने के नियम
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अब हम आपको बताते हैं ऐसे पेड़ों के बारे में जिनको घर में लगाना वर्जित है। आम का पेड़ घर या घर के आसपास भी नहीं होना चाहिए। इसका होना बच्चों पर बुरा प्रभाव डालता है।


ऐसे पेड़ या पौधे जिनको तोड़ने से दूध टपकता हो, वे घर में नहीं लगाने चाहिए। दूध वाले पेड़ धन का नाश करते है। दूध टपकने वाले पेड़ों में प्रमुख है पीपल का पेड़।। ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार पीपल घर के विकास में बाधक है और घर में रहने वालों के जीवन में संकट आते हैं और उन्‍हें दीर्घायु नहीं होने देता। यह वंशवृद्धि नहीं होने देता। बरगद के पेड़ को भी घर में लगाने से मना किया गया है।


घर में या घर के समीप ऐसे पौधे नहीं लगाने चाहिए जो कांटेदार है। जैसे बेर और नींबू का पौधा। वृहत्‍तसंहिता में कहा गया है…. अश्वत्थं च कदम्बं च कदलीबीपूरकम।गृहे यस्य प्ररोहन्ति स गृही न प्ररोहति।। अर्थात बेर, और नींबू जिस घर में जितना अधिक पनपते हैं, उतनी ही उस घर की आर्थिक स्थिति डांवाडोल होती है।

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