क्‍या ग्‍वार में तेजी के पीछे है सटोरियों का हाथ

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इन्‍फोपत्रिका बिजनेस डेस्‍क ।।
हाजिर और वायदा बाजार में ग्वार सरपट दौड रहा है। मंगलवार को जोधपुर में ग्वार का भाव 3950 रुपए क्विंटल हो गया। ग्‍वारगम का भाव 8400 रुपए हो गया। पिछले दस दिनों में ग्‍वार का भाव लगभग 800 रुपए बढ चुका है। कमोडिटी एक्‍सचेंज एनसीडीईएक्‍स पर ग्‍वारगम का भाव 8300 और ग्‍वारसीड का भाव 3860 रुपए है। ग्‍वार और ग्‍वार गम की इस बढोतरी के पीछे जहां कुछ लोग निर्यात में तेजी और कम उत्‍पादन को जिम्‍मेदार मान रहे हैं, वहीं कई व्‍यापारियों को लगता है कि इसके पीछे सटोरियों का हाथ है।

निर्यात में आया जोरदार उछाल

जनवरी में ग्‍वारगम के निर्यात में करीब 70 फीसदी का उछाल आया है। जनवरी में 44000 टन ग्‍वारगम का निर्यात हुआ। 2016-17 के पहले नौ महीनों यानि अप्रैल से दिसंबर 2016 तक 2.79 लाख टन ग्‍वारगम का एक्‍सपोर्ट हो चुका है। वित्‍तवर्ष 2015-16 में इस दौरान 2.45 लाख टन ग्‍वारगम का निर्यात हुआ था।


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एक महीने के अंदर ग्वार सीड के दाम करीब 22 फीसदी और ग्वार गम के दाम करीब 33 फीसदी बढ़ चुके हैं। जानकारों का मानना है कि निर्यात मांग बढ़ी तो जिंस निर्यात में इस साल ग्वार प्रमुख हो सकता है। 2012-13 में 26,000 करोड़ रुपये का ग्वार गम निर्यात किया गया था जिसकी उम्मीद दोबारा जगनी शुरू हो गई है।

इसलिए बढ रहा है निर्यात

तेल क्षेत्र में अमेरिकी सरकार की बदली नीति ग्‍वार निर्यात बढा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने देश में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है जिसके कारण फरवरी महीने से ग्वार गम की मांग बढ़ी है जिससे कीमतें तेजी से बढ़ रही है। कच्‍चे तेल के भाव 50 55 डालर रहने की वजह से अमेरिका में आयल रिंग्‍स की संख्‍या में लगातार इजाफा हो रहा है। 24 फरवरी को खत्‍म हुए सप्‍ताह में ऑयल रिंग्‍स की संख्‍या 602 तक पहुंच गई। पिछले छह हफ्तों से अमेरिका में ऑयल रिंग्‍स की संख्‍या में इजाफा हो रहा है। ग्‍वारगम का इस्‍तेमाल ऑयल रिंग्‍स की खुदाई में लुब्रिकेंट के तौर पर होता है।

अलनीनो और किसानों की बेरूखी

ग्वार कारोबारियों की मानी जाए तो कारोबारी अलनीनो पर दांव लगा रहे हैं। व्‍यापारियों का अनुमान है कि अलनीनो प्रभाव से कम बारिश होगी जिससे उत्‍पादन कम होगा। वहीं हरियाणा में दो सालों से ग्‍वार में आ रही बीमारी इस फसल को मार रही है। इस बार बुआई काफी कम होने का अंदाजा है। राजस्‍थान में भी इस बार किसान ग्‍वार से मुंह मोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो उत्‍पादन जोरदार तरीके से गिरेगा। इस साल भी राजस्‍थान में उत्‍पादन कम हुआ है। इस साल सिर्फ 14.25 लाख टन ग्‍वार का उत्‍पादन हुआ है। पिछले साल 22.23 लाख टन ग्‍वार का उत्‍पादन हुआ था।

ग्‍वार में लगा अपर सर्किट

मंगलवार को वायदा बाजार में कारोबार के दौरान ग्वार में तेजी नदारद रही। जयपुर, बीकानेर और गंगानगर की मंडियों में ग्वार में तेजी देखने को मिली। हाजिर बाजार में ग्वार 3,930 से 3,990 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका। कारोबारियों की मानी जाए तो 4,000 की सीमा को ग्वार पार तो नहीं कर पाया लेकिन पार करने की दहलीज पर खड़ा जरूर हो गया है। दूसरी तरफ वायदा बाजार में ग्वार सीड में गिरावट देखने को मिली। एनसीडीईएक्स में ग्वार सीड का मार्च अनुबंध 2.7 फीसदी गिरकर 3,780 रुपये, अप्रैल अनुबंध 2.57 फीसदी कम होकर 3,871 रुपये और मई अनुबंध 2.28 फीसदी लुढ़कर 3,937 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।सोमवार को एनसीडीईएक्‍स पर ग्‍वारसीड और ग्‍वारगम के मार्च वायदा पर अपर सर्किट लगा। मार्च वायदा के लिए ग्‍वारगम का भाव 8281 रुपए क्विंटल और ग्‍वारसीड 3910 रुपए था।

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