ग्‍वार में और तेजी आने के बन रहे हैं आसार

guar rate

इन्‍फोपत्रिका बिजनेस डेस्‍क


पिछले कुछ दिनों से ग्‍वार का बाजार गर्म है। शनिवार को जोधपुर में ग्‍वार लोकल 3700-3800, ग्वार डिलेवरी 3900-4000 तथा गम 8300-8400 रुपए तक बिका। राजस्‍थान और हरियाणा की सभी मंडियों में ग्‍वार के भाव चढ रहे हैं। ग्‍वार में तेजी के पीछे निर्यात मांग में जोरदार इजाफा, कम उत्‍पादन की आशंका और घरेलू बाजार में चूरी कोरमा के की अच्‍छी मांग का हाथ है।

फरवरी में निर्यात उछला

एपीईडीए के मुताबिक फरवरी में भारत से 45000 टन ग्‍वार उत्‍पादों का निर्यात हुआ। जबकि पिछले साल फरवरी में 26000 टन का हुआ था। इस साल जनवरी में 44000 और दिसंबर में 48000 टन ग्‍वार उत्‍पादों का निर्यात भारत ने किया। इस वित्‍तवर्ष के पहले 11 महीनों में 3.67 लाख टन का निर्यात हुआ जबकि पिछले वित्‍तवर्ष में 2.97 लाख टन का निर्यात हुआ था।

घरेलू मांग तेज

एक तरफ सप्‍लाई कमजोर है तो दूसरी और चूरी कोरमा की मांग अच्‍छी बनी हुई है। ग्‍वार गम बनाने वाले बड़े प्‍लांट भी अब अच्‍छी खरीददारी कर रहे हैं। गम मिलों और स्टॉकिस्टों की मजबूत लिवाली शनिवार को भादरा में ग्‍वार 3947, भट्टू में 3800 तथा फतेहाबाद में 3790 रुपए बिका। अहमदाबाद मंडी में भी बिकवाली के अभाव में ग्वार गम पिछले एक महीने में लगभग 1000रुपए बढकर 8000/8100 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। गत वर्ष इन दिनों ग्वार गम के भाव 5500/5600 रुपए प्रति क्विंटल थे। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी का रूख होने के कारण निर्यात मांग बढने की उम्‍मीद है।


ये भी पढ़ें- अरंडी के भाव में तेजी के पीछे क्‍या है राजॽ


guar rate

और तेजी की संभावना

ग्‍वार जानकारों का मानना है कि भावों में और तेजी आ सकती है। निर्यात मांग दिनोदिन बढती जा रही है। अमेरिका लगातार अपने ऑयल रिंग्‍स बढा रहा है। इससे वहां गम की खपत भी बढ रही है। घरेलू बाजार में चूरी कोरमा की मांग भी अच्‍छी है। अभी हाल ही में हरियाणा की सरकारी एजेंसी ने भी चूरी कोरमा खरीदने को टेंडर निकाला था। करीब पंद्रह दिन से चुप पड़े गम बनाने के बड़े खिलाड़ी भी अब मैदान में आ गए हैं क्‍योंकि इनको अपने निर्यात आर्डर पूरा करने के लिए ग्‍वार की जरूरत है। अगर भारतीय मौसम विभाग के पहले पूर्वानुमान में भी कम बारिश की भविष्‍यवाणी की जाती है तो भावों में बड़ी तेजी आ सकती है। प्राइवेट एजेंसी स्‍काईमेट पहले ही इस बार मानसून सीजन में सामान्‍य से कम बारिश का अनुमान जता चुकी है। कम बारिश का मतलब है कम बुआई और कम उत्‍पादन। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में ग्वार गम की कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। ग्राहकी निकलने पर इसमें 800/1000 रुपए प्रति क्विंटल तेजी आ सकती है।

Like करें InfoPatrika का फेसबुक पेज़ और पाएं ऐसी ही लेटेस्ट अपडेट्स।

loading...