अपनी फसल को कोहरे से यूं बचाएं और ज्यादा पैदावार पाएं!

Khet Me Kohra | खेत में कोहरा

इन्फोपत्रिका, खेती-बाड़ी डेस्क।
उत्तर भारत इस समय कोहरे की चपेट में है। आने वाले कुछ दिनों में भी कोहरे का प्रकोप इसी तरह देखा जा सकेगा। तो किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए कोहरे को लेकर भी सावधान रहना होगा। गेहूं, आलू और लाही की फसल पर कोहरे का ज्यादा असर होता है, जबकि मटर पर इसका कोई खास असर नहीं होता। तो यदि आपने अपने खेत में गेहूं, आलू या लाही की खेती की है तो आपको ये आर्टिकल जरूर-जरूर पढ़ना चाहिए।

आलू और गेहूं पर ज्यादा होता है असर

आलू पर कोहरे का असर ज्यादा होता है। कई दिनों तक सूरज न दिखे तो आलू को झुलसा रोग मार जाता है। झुलसा रोग फसल को एक ही सप्ताह में बर्बाद कर देता है। गेहूं की फसल में गेरुई नामक बीमारी लग जाती है। इस रोग में फसल की पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और धीरे-धीरे फसल बर्बाद होने लगती है। और इसी के विपरीत यदि आपने कोहरे को मैनेज कर लिया तो फसल बहुत अच्छा झाड़ (उपज) देगी।

कैसे रोकें बर्बादी?

आलू और गेहूं की फसल पर कोहरे की मार पड़ने से बचाने के लिए किसानों को चाहिए कि वे समय-समय पर हल्की-हल्की सिंचाई करते रहें।

लाही की फसल है तो…?

लाही को भी कोहरे से काफी ज्यादा नुकसान होता है। लाही का फूल झड़ जाता है और पैदावार घट जाती है। लाही की फसल के लिए जरूरी है कि किसान ठीक समय पर इसकी बुवाई करें, ताकि कोहरा आने से पहले ही लाही पर फूल आ जाए। दरअसल, लाही की वही फसल कमजोर होती है जो सही समय निकल जाने के बाद बोई जाती है।

ये भी पढ़ें – अंडे उबालते समय आप भी करते होंगे ये गलतियां

ये हैं कुछ महत्वपूर्ण टिप्स

फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए फसलों की हल्की सिंचाई करें। ज्यादा मात्रा में पानी देना हानिकारक हो सकता है।
लाही की फसलों के पास रात के समय में धुंआ किया जा सकता है, जोकि कोहरे के असर को कम करता है।
फसल में ओस दिख रही हो तो उस समय खाद का छिड़काव न करें। ओस में खाद पत्ती पर चिपक जाता है, जिससे पौधे के खराब होने की आशंका बढ़ जाती है।
यदि कोई रोग नज़र आए तो उससे जुड़ी दवा का इस्तेमाल जल्दी करें, क्योंकि कोहरे में फसल की बीमारियां तेजी से बढ़ती हैं।

Leave a Reply

loading...