बड़ी खबर : चीन ने सरसों खली आयात पर प्रतिबंध हटाया

mustard khali

इन्‍फोपत्रिका खेती डेस्‍क


चीन से एक अच्‍छी खबर सरसों उत्‍पादक किसानों और सरसों खली व्‍यापार में लगे लोगों के लिए आई है। चीन ने भारत से सरसों खली के निर्यात पर सात साल से लगा प्रतिबंध हटा लिया है। चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स की वेबसाइट पर कहा गया है कि यदि जरूरी जांच प्रक्रिया और शर्तों को पूरा किया जाता है तो भारत से सरसों खली का आयात सोमवार से शुरू हो सकता है। चीन के इस कदम से सरसों के व्‍यापार को लाभ होने का अनुमान विशेषज्ञ जता रहे हैं।

शर्तों के साथ अनुमति

चीनी संस्था ने अपनी वेबसाइट में कहा है कि चीन के लिए भारतीय सरसों खली का निर्यात भारतीय निर्यात निगरानी परिषद द्वारा स्वीकृत प्रोसेसिंग संयंत्रों से किया जाना चाहिए और यह जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स के साथ पंजीकृत होना चाहिए। गौरतलब है कि गुणवत्ता से संबंधित चिंताओं को लेकर 2011 में प्रतिबंध लगने से पहले तक चीन भारतीय सरसों खली का प्रमुख खरीदार था। भारत चीन के बीच सरसों खली का कारोबार करीब 16.1 करोड़ डॉलर का है। व्‍यापार जानकारों का कहना है कि भारत चीन को प्रतिवर्ष करीब 500000 टन सरसों खल का निर्यात कर सकता है।


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चीन- अमेरिका ट्रेड वार का असर

गौरतलब है कि चीन और अमेरिका में ट्रेड वार चल रहा है और चीन अमेरिका से आयात किए जाने वाले सोयाबीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है। इसीलिए ही उसने भारत से आयात होने वाले सरसों खल पर प्रतिबंध हटाया है। गौरतलब है कि चीन दुनिया में सोयाबीन के कुल कारोबार का करीब 60% अपने इस्तेमाल के लिए खरीदता है और अमेरिका से सोयाबीन का सबसे ज्यादा निर्यात चीन को ही किया जाता है।

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