क्‍या काला चावल करेगा किसानों की जिंदगी में उजाला!

Black Rice

इन्‍फोपत्रिका, खेती डेस्‍क
काला चावल (Black Rice) बहुत महंगा बिकता है। कुछ किसान इस उन जगहों पर पैदा करने में जुटे हैं जहां पहले ये कभी नहीं हुआ है। पहली कॉटन वाले इलाके में इस चावल की खेती के लिए कोई राज्‍य आगे आया है। महंगे दाम के कारण असम और मणिपुर में काला चावल (Black Rice ) की खेती बढ रही है। पंजाब, यूपी और एमपी में जहां किसान अपने प्रयासों से काला चावल पैदा करने में लगे हैं, वहीं महाराष्‍ट्र में तो सरकार इस बार काला चावल (Black Rice) पैदा करने में जी जान से जुटी है। महाराष्‍ट्र सरकार ने इस बार 70 एकड़ में काला चावल की खेती प्रायोगिक तौर पर कराई है। अलग-अलग जिलों में सरकार ने किसानों के खेत में काला चावल लगवाए हैं। अगर ये प्रयोग सफल रहता है तो सरकार अगले साल महाराष्‍ट्र में काला चावल की खेती को बड़े स्‍तर पर करवाने की फिराक में है।


Black Rice
Image : www.infopatrika.com

चीन से आया काला चावल (Black Rice), पूर्वोतर में हिट

महाराष्‍ट्र कृषि विभाग की इस योजना की संचालक डॉक्टर नलिनी भोयर कहती हैं कि किसानों को सफेद और भूरे चावल की पूरी जानकारी है, लेकिन काला चावल (Black Rice) उनके लिए नया है। काला चावल कुछ वर्ष पहले चीन से पूर्वोतर राज्यों में लाया गया था। औषधीय मांग के कारण वर्तमान में इसकी मांग पूरे देश में है। नलिनी कहती हैं कि फिलहाल इस बार राज्य के कुछ जिलों में महज 70 एकड़ खेत में इसकी बुआई की गई है। आने वाले वर्षों में इसे बड़े पैमाने पर खेती करने की योजना है। छत्तीसगढ़ से बीज लाकर बुआई की गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार महाराष्‍ट्र की मिट्टी इसके उत्पादन के लिए उपयुक्त है।


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बढ रही है Black Rice की मांग

हाल के वर्षों में काले चावल (Black Rice) की मांग तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका और यूरोप में इसकी मांग बहुत ज्यादा है जिसके कारण कीमत भी आम चावल की अपेक्षा कई गुना अधिक मिल रही है। दरअसल डॉक्टरों द्वारा इस चावल को सेहत के लिए बेहतर बताया जा रहा है। इससे इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। मांग के अपेक्षा अभी इसका उत्पादन काफी कम हो रहा है। काले चावल में मौजूद गुणों के कारण यह कैंसर जैसी बीमारी से लडऩे में काफी मददगार बताया जा रहा है।

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