सोयाबीन की इन नई किस्‍मों में नहीं लगेगी बीमारी, पैदावार होगी ज्‍यादा

Modern soybean farming

इन्‍फोपत्रिका बिजनेस डेस्‍क।


हर साल सोयाबीन फसल में पीला मोजेक, गडल बिडल और तना-मक्खी का प्रकोप आता है, इससे उत्पादन प्रभावित होती है। शोध और अनुसंधान के बाद इस बार चार नई किस्म इजाद की गई है, जो रोग, कीट व्याधि और कम या ज्‍यादा बारिश होने पर खराब नहीं होंगी और उत्पादन भी बढ़ेगा। ये किस्में कृषि कॉलेज जबलपुर, आरएके कृषि महाविद्यालय सीहोर और सोयाबीन अनुसंधान केंद्र इंदौर ने ईजाद की है।

new soybean variety
Image : Google

कृषि कॉलेज जबलपुर, आरएके कृषि महाविद्यालय सीहोर और सोयाबीन अनुसंधान केंद्र इंदौर ने जेएस-2029, जेएस-2034, एनआरसी-37 और एनसीआर 86 वैरायटी का बीज तैयार किया है। कृषि विभाग, आत्मा परियोजना, बीज निगम और बाजार के माध्यम से यह वैरायटी इसी खरीफ सीजन से पहले किसानों को मिल जाएगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि प्रति हेक्टेयर 15 फीसदी उत्पादन बढ़ेगा।


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सोयाबीन अनुसंधान निदेशालय इंदौर की किस्‍म एनआरसी 37

उत्‍पादन : प्रति हेक्टेयर 33-35 क्विंटल।
अवधि : 96 से 101 दिन में पककर तैयार हो जाती है।
रोग प्रतिरोधक : दाना पीला और फूल सफेद रहता है। इसमें भूरी नाभिका, तना मक्खी एवं लीफ माइनर के लिए प्रतिरोधक किस्म है। फफूंद जनित बीमारी एवं रसचूसक कीट का प्रकोप कम।
बीज : 45 किलो प्रति हेक्टेयर
बीज उपचार : कार्बोक्सिन थायरम की तीन ग्राम और इमिडाक्लोरोप्रिड 48 फीसदी की दो मिलीग्राम मात्रा प्रति किलो बीज की दर से।

कृषि कॉलेज जबलपुर की किस्‍म जेएस-2029

आकार प्रकार : पत्ती नुकली अंडाकर और डार्क हरी रहेगी। शाखाएं तीन से चार रहेंगी। बैंगनी रंग का फूल होगा। पीले रंग का दाना, पौधों की ऊंचाई 100 सेमी रहेगी।
उत्‍पादन : उत्पादन 25-30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर।
अवधि : 90-95 दिन में फसल पककर तैयार होगी।
विशेषता : पीला मोजेक रोग, चारकोल राट, बेक्टेरिययल पशचूल एवं कीट प्रतिरोधी।

कृषि कॉलेज जबलपुर की किस्‍म जेएस-2034

आकार-प्रकार : पत्ती नुकीली अंडाकर और डार्क हरी रहेगी। चार से पांच शाखाएं रहेंगी। बैंगनी फूल होंगे। हल्का पीला रंग का बीज होगा। पौधों की ऊंचाई 75-80 सेमी की होगी।
उत्‍पादन : उत्पादन 20-25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
अवधि : 87-88 दिन में फसल पककर तैयार हो जाएगी।
विशेषता : पीला विषाणु रोग, चारकोल राट, पत्ती धब्बा, बेक्टेरिययल पशचूल पत्ती धब्बा एवं कीट प्रतिरोधी। कम वर्षा में उपयोगी।

सोयाबीन अनुसंधान इंदौर की एनआरसी 86 (अहिल्या 6)

आकार प्रकार : हल्की हरी रंग की पत्ती और दो शाखाएं रहेगी। सफेद रंग का फूल होगा। हल्का पीला रंग का बीज होगा। पौधों की ऊंचाई 75-80 सेमी की है।
उत्पादन : 20-25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर।
अवधि : 90-95 दिन में फसल पककर तैयार हो जाएगी।
विशेषता : गडल बीडल और तना-मक्खी के लिए प्रतिरोधी, चारकोल रॉट एंव फली झुलसा के लिए मध्यम प्रतिरोधी।

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