ऐसा भी होता है : वोटर आईडी कार्ड से नेता वोट भी खरीदते हैं

voter id card karnataka

इन्‍फोपत्रिका पोलिटिक्‍ल डेस्‍क


बैंगलुरु के जलाहल्‍ली इलाके के एक फ्लैट से चुनाव आयोग ने 9746 वोटर पहचान पत्र बरामद किए हैं। इस छापे के बाद से भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है। भाजपा ने फ्लैट मालिकन को कांग्रेस उम्‍मीदवार का करीबी बताया है तो कांग्रेस उसे और उसके बेटे को भाजपा समर्थक बता रही है। भाजपा ने कांग्रेस पर फर्जी वोटर कार्ड के सहारे फर्जी मतदान करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि प्रथम दृष्‍टया ये पहचान पत्र असली लग रहे हैं, लेकिन इसके बारे में कुछ भी पुख्‍ता पूरी जांच के बाद ही कहा जा सकता है।


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Image : Infopatrika

अब सवाल ये उठता है कि अगर ये पहचान-पत्र असली है तो फिर एक फ्लैट में इनको जमा क्‍यों किया गया था। वैसे देश के कई भागों में चुनाव के दौरान मतदाताओं को वोट के बदले पैसे देकर अपनी ओर करने का खेल भी चलता है। वोट खरीदने में वोटर कार्ड भी एक अहम रोल निभाता है। कैसे यह काम आता है इस गंदे खेल में, हम आपको बताते हैं।

ऐसे होता है खेल

किसी विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहा प्रत्‍याशी अगर वोट खरीदना चाहता है तो उसके लिए वह अपने समर्थकों का एक पूरा गैंग बनाता है। गैंग के सदस्‍य खरीदे जाने वाले वोटरों की पहचान करते हैं। आमतौर पर ऐसे बड़े गरीब परिवारों को निशाना बनाया जाता है जो किसी पार्टी के कट्टर समर्थक नहीं होते। कहीं-कहीं कुछ जातियों पर फोकस किया जाता है। फिर परिवार या जाति के प्रभावशाली व्‍यक्ति से संपर्क साधकर पैसे के बदले वोट देने की सेटिंग की जाती है।


जाति या परिवार का वो व्‍यक्ति पैस के बदले कितने वोट लाकर देगा, इसकी तस्‍दीक वोटर आई कार्ड से होती है। यहीं पर वोटर कार्ड काम आता है। चुनाव लड़ रहे प्रत्‍याशी के आदमी वोट बेचने का दावा करने वाले व्‍यक्ति से उन लोगों के वोटर आईडी कार्ड मांगते हैं जिनके वोट वो खरीदकर देगा। वोटर आईडी कार्ड लाकर देने पर ही पैसों का लेनदेन होता है। कई बार उस व्‍यक्ति को सबका पैसा एकसाथ दे दिया जाता है जो वोटर आईडी कार्ड लाकर देता है। कई बार ऐसा भी होता है कि नेता के आदमी उस व्‍यक्ति के साथ जाकर वोटरों को खुद पैसा और उनके वोटर कार्ड लौटाते हैं और वोट पक्‍का करते हैं।

शराब के लिए

वोट खरीदने का यह पुराना तरीका है लेकिन ये अब फुलप्रुफ नहीं रहा है। गरीब बस्तियों में शराब बांटकर वोट हासिल करने का प्रयास बहुत से कैंडिडेट करते हैं। यही कारण है कि चुनावों के दौरान बड़ी मात्रा में शराब पकड़ी जाती है। हरियाणा में हुए विधानसभा चुनावों ऐसी खबरें आई थी कि कुछ प्रत्‍याशियों ने वोटरों को वोटर आईडी कार्ड गिरवी रखकर शराब दी थी। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि वो वोटर दूसरे प्रत्‍याशी से शराब न ले सके और उसका वोट पक्‍का किया जा सके। सभी प्रत्‍याशियों से शराब लेने की बातें सामने आने के बाद कुछ प्रत्‍याशियों ने वोटर आईडी कार्ड अपने पास रखवा लिए और उन्‍हें वोटिंग से एक रात पहले वापस किया गया। इस तरह वोटर दूसरे प्रत्‍याशी से शराब नहीं ले पाया क्‍योंकि सामने वाला प्रत्‍याशी भी वोटर आईडी कार्ड मांग रहा था।

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