आपकी नींद हराम कर रहा है फोन, भविष्य में भी देगा बड़ी परेशानी!

mobile phone in bed

इन्फोपत्रिका, हेल्थ डेस्क>>

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के कार्डियोलॉजी विभाग के एक शोध में सामने आया है कि जो लोग सोने से पहले स्‍मार्टफोन का प्रयोग करते हैं, उनको अच्‍छी नींद नहीं आती और उनको भविष्‍य में कई शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सोने से पहले स्‍मार्टफोन पर समय बिताने से एकाग्रता भंग होती है और लोग विचलित हो जाते हैं। इससे या तो नींद आती ही नहीं है या फिर गहरी नींद नहीं आती।

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कॉर्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्‍टर तथा इस शोध के लेखकों में शामिल डॉ। ग्रेगरी मार्कस का कहना है कि अच्‍छी नींद न आने के बहुत से कारण हो सकते हैं। लेकिन आजकल स्‍मार्टफोन का बढता प्रयोग भी इन कारणों में शामिल हो गया है। शोध में सामने आया कि जो लोग स्‍मार्टफोन का प्रयोग बिस्‍तर पर सोने से पहले करते हैं, उनको नींद अच्‍छे से नहीं आई। अगली सुबह उनका मूड खराब था और वे अपसेट थे। डॉ। ग्रेगरी का कहना है कि सोने से पहले फेसबुक या ट्विटर पर किसी से वाद विवाद हो जाता है, कोई ऐसी फोटो या खबर पढ लेते हैं जिससे हम खिन्‍न हो जाते हैं। इससे सोने में दिक्‍कत होती है।

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शरीर के हार्मोन्स होते हैं प्रभावित

डॉ. ग्रेगरी का कहना है कि अगर किसी व्‍यक्ति की नींद में खलल डालने वाली कोई और वजह नहीं हो, और वो सोने से घंटाभर पहले ही स्‍मार्टफोन का प्रयोग केवल कॉल सुनने के लिए करता है तथा स्‍क्रीन पर और कोई काम नहीं करता है, तो उसको नींद ज्‍यादा अच्‍छी आएगी। वैसे यह बात पहले हुए शोधों में भी साफ हो चुकी है कि स्‍मार्टफोन की स्‍क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर में पाए जाने वाले हार्मोन मेलैटोनिन को प्रभावित करती है। यह हार्मोन शरीर को स्‍वस्‍थ रखने में अहम भूमिका निभाता है।

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