नया शोध: महिला डॉक्टर करे इलाज तो मरने की संभावना कम

इन्फोपत्रिका, हेल्थ डेस्क >>

महिला डॉक्टर यदि इलाज करे तो बुजुर्ग मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने के 30 दिनों के अंदर मरने की आशंका कम रहती है। यही नहीं, अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद के 30 दिनों के दौरान उन्हीं मरीजों को वापस अस्पताल लाने की नौबत नहीं आती, या कम आती है। ये बात पता चली है हावर्ड विश्वविद्यालय की एक रिसर्च में। इस रिसर्च के नतीजे JAMA इंटरनल मेडिसिन में ऑनलाइन प्रकाशित किए गए हैं।

रिसर्च का नेतृत्व कर रहे यूसुके टी ने बताया, ‘मृत्यु-दर के इस अंतर ने हमें हैरान कर दिया। सबसे बीमार मरीजों के लिए उनके डॉक्टर का पुरुष या महिला होना, बहुत अहम साबित हो सकता है।’ यूसुके मैसाचूसिट्स स्थित हावर्ड टी.एस चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में रिसर्च एसोसिएट हैं। इस रिसर्च के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने मेडिकेयर सुविधा का इस्तेमाल करने वाले 65 साल या इससे अधिक उम्र के करीब 10 लाख मरीजों से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा की। ये ऐसे मरीज थे, जिन्हें किसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

    शोध के नतीजे कहते हैं कि अगर बुजुर्ग मरीजों का इलाज महिला डॉक्टर करे तो असमय मरने की संभावना 4 फीसद तक कम हो जाती है। साथ ही, अस्पताल से छुट्टी दिए जाने के 30 दिनों के भीतर मरीज को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराने की संभावना भी 5 प्रतिशत तक घट जाती है। कई तरह की बीमारियों और गंभीर रोगों में भी यह संबंध देखा गया। शोध में बताया गया है कि अगर पुरुष डॉक्टर्स को भी महिला डॉक्टर्स जितनी ही सफलता मिले, तो मौतों का आंकड़ा सालाना 32,000 तक कम किया जा सकता है।

क्यों होता है ऐसा?
शोध में यह भी बताया गया है कि महिला डॉक्टर चिकित्सीय दिशानिर्देशों का ज्यादा गंभीरता से पालन करती हैं। साथ ही, वे मरीज की देखभाल व रोगों से बचाव का ज्यादा ध्यान रखती हैं। पुरुष डॉक्टर्स के मुकाबले महिला डॉक्टर्स मरीज के साथ बेहतर तरीके से संवाद कायम करती हैं और जरूरी जांच करवाए जाने पर ध्यान देती हैं। साथ ही, वे अपने मरीजों की बेहतर काउंसलिंग भी करती हैं। शोध के नतीजे बताते हैं कि महिला और पुरुष डॉक्टरों की प्रैक्टिस के तरीकों में अंतर होने की संभावना होती है और इसका रोगी की सेहत पर खासा अहम असर पड़ सकता है।

तो हम आपको यही सलाह देंगे कि यदि आपके घर के किसी बुजुर्ग (महिला या पुरुष) को अस्पताल ले जाने की नौबत आन पड़े तो उसे महिला डॉक्टर के पास ले जाएं या अस्पताल में उनके इलाज के लिए महिला डॉक्टर से अनुरोध करें।

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