जलवायु परिवर्तन से गर्म होती हवाएं पुरुषों को बना रही हैं बांझ

Climate change heatwaves

इंफोपत्रिका हेल्थ डेस्क.
जलवायु में होने वाला परिवर्तन यूं तो प्रकृति के नियमों के खिलाफ है और उसका मानव जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है, हाल ही में हुई एक रिसर्च से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से शुक्राणु कम हो रहे हैं और पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. मतलब यह कि पुरुषों की प्रजनन क्षमता कमजोर हो रही है.

गर्म हवाएं प्रजनन के लिए ख़तरा

इस रिसर्च में पाया गया कि गर्म हवाओं (Healwaves) के चलते कीड़ों में शुक्राणुओं की संख्या आधी रह गई है. यही वजह है कि हम पिछले कुछ समय के दौरान कई तरह की प्रजातियां की संख्या में भारी कमी देख रहे हैं. यह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया की तरफ से गई थी.

महिलाओं पर नहीं होता असर

नेचर कम्युनिकेशंस नामक एक पत्रिका में प्रकाशित हुई इन रिसर्च फाइंडिंग्स से जो बात मुख्यत है निकल कर सामने आई है वह यह है कि जलवायु परिवर्तन के चलते पुरुषों के स्पर्म लगातार कम हो रहे हैं हालांकि महिलाओं पर इसका कोई असर नहीं देखा गया है.

इस रिसर्च ग्रुप के लीडर प्रोफेसर मैट् गेग कहते हैं कि जब मौसम गर्म होता है तो शुक्राणुओं की क्रिया प्रणाली बेहद संवेदनशील होती है. चूंकि प्रजनन और जनसंख्या वृद्धि के लिए शुक्राणुओं की संख्या का होना अनिवार्य है तो इन अध्ययनों से यह पता चल सकता है कि जलवायु परिवर्तन से जैव विविधता को क्यों खतरा है.

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