क्‍या जीएसटी और नोटबंदी ने डुुबोई लहसुन की लुटिया

garlic rate

इन्‍फोपत्रिका बिजनेस डेस्‍क


देश के सबसे बड़े लहसुन उत्‍पादक राज्‍य मध्‍यप्रदेश में लहसुन के भाव औंधे मुंह गिरे हैं। 7 मई को मंदसौर जिले की कुछ मंडियों में तो लहसन एक रुपए किलो तक बिका। भाव न मिलने से गुस्‍साए किसानों ने शामगढ मंडी में जमकर बवाल काटा और मंडी कमेटी ऑफिस को घेर लिया। गौरतलब है कि जनवरी में लहसुन का भाव 50 रुपए से 80 रुपए किलोग्राम तक था। इस बार मध्‍यप्रदेश में लहसुन का बम्‍पर उत्‍पादन हुआ है लेकिन भाव न मिलने से किसानों की उम्‍मीदों पर पानी फिर गया है। लहसुन के दाम औंधे मुंह गिरने के कई कारण बताए जा रहे हैं।


Garlic rate
Image source : The hindu

बम्‍पर उत्‍पादन

नीमच के एक लहसुन व्‍यापारी ने बताया कि इस बार उत्‍पादन बहुत ज्‍यादा हुआ है। पिछले साल भाव ठीक रहने के कारण किसानों का रुझान इस बार लहसुन की ओर ज्‍यादा था। मालवा इलाके के अलावा अन्‍य क्षेत्रों के किसानों ने भी लहसुन की खेती की। आवक बहुत ज्‍यादा हो रही है। मांग कम है। मांग और आपूर्ति का समीकरण बिगड़ने से भाव गिर गए हैं।

धन की कमी

मंदसौर मंडी में लहसुन की दलाली करने वाले सौरभ का कहना है कि बाजार में नकदी की कमी है। नोटबंदी और जीएसटी की वजह से व्‍यापार जटिल हो गया है। सौरभ का कहना है कि जीएसटी से कर चोरी पर रोक लगी है। नोटबंदी के बाद से लेनदेन भी बैंक के माध्‍यम से करना जरूरी हो गया है। इससे लहसुन व्‍यापार में लगे मोटे व्‍यापारियों को दिक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है। ये व्‍यापारी खूब माल खरीदते थे। इनके कारोबार का बहुत बड़ा हिस्‍सा बिना कागजातों की पूर्ति किए बिना होता था और लेनदेन में नकदी का इस्‍तेमाल किया जाता था। लेकिन अब ये सब करना आसान नहीं है। इसलिए कुछ मोटे मुनाफाखोर इस धंधे से बाहर हो गए हैं। इसका असर यह हुआ है कि खरीददारों की कमी हो गई है।


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गुजरात में अटकी व्‍यापारियों की पैमेंट

नीमच, मंदसौर और जावरा मंडियों से लहसुन गुजरात के महुआ में जाता था, जहां देश के सर्वाधिक लहसुन प्रोसेसिंग प्लांट हैं। लेकिन वहां आर्थिक मंदी के कारण प्लांट बंद हो रहे हैं, जिससे व्यापारियों का पैसा अटक गया। ऐसे में व्यापारी खरीदी कैसे करेगा। जब खरीदी नहीं होगी और उत्पादन बम्पर होगा तो दाम गिरेंगे ही। नीमच के व्‍यापारी भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि लहसुन के कारोबार में आर्थिक मंदी है। नीमच, मंदसौर और जावरा के व्यापारियों का बेहिसाब पेमेंट गुजरात सहित अन्य राज्यों में अटका है, जिसके चलते इन मंडियों में लहसुन की लेवाली कमजोर पड़ गई है।

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