इस सीजन 70 लाख गांठ कपास का हो सकता है निर्यात

cotton export

इन्‍फोपत्रिका बिजनेस डेस्‍क


कपास सत्र 2017-18 में कपास का कुल निर्यात 70 लाख गांठ हो सकता है। पिछले साल के 58 लाख गांठ के निर्यात के मुकाबले यह 12 लाख गांठ ज्‍यादा है। वैश्विक बाजारों में कपास की ऊंची कीमतें भारतीय कपास निर्यात को बढावा दे रही है क्‍योंकि भारतीय कपास अब विश्‍व में सबसे सस्‍ती है। साथ ही रुपए के मुकाबले डॉलर की मजबूती से भी निर्यातकों के लाभ में इजाफा हो रहा है। इससे भी निर्यात बढ रहा है।


cotton export

जोर पकड़ेगा कपास निर्यात

विश्व बाजार में भारतीय कपास सबसे सस्ती है, साथ ही रुपये के मुकाबले डॉलर मजबूत बना हुआ है इसलिए निर्यात मांग अच्छी बनी हुई है। न्यूयॉर्क के वायदा बाजार में लगातार तेजी आ रही है। चालू फसल सीजन में अभी तक करीब 60 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) कपास के निर्यात सौदे हो चुके हैं। मौजूदा मांग को देखते हुए 70 लाख गांठ निर्यात होने का अनुमान कपास कारोबार से जुड़े लोग जता रहे हैं।

निर्यात का लक्ष्य ज्यादा

कॉटन एडवाईजरी बोर्ड (सीएबी) के अनुसार चालू सीजन में कपास का निर्यात 67 लाख गांठ होने का अनुमान है जबकि पिछले फसल सीजन में 58 लाख गांठ का ही निर्यात हुआ था। चालू फसल सीजन 2017-18 में कपास का उत्पादन 377 लाख गांठ होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इसका उत्पादन 345 लाख गांठ का हुआ था। चालू सीजन में उत्पादक मंडियों में अभी तक करीब 325 से 330 लाख गांठ कपास की आवक हो चुकी है।

घरेलू बाजार में नहीं उठ रही कीमतें

अच्‍छी कपास निर्यात मांग का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। उत्‍तर भारत में अभी भी कपास के भाव 5000 रुपए के क्विंटल के आसपास ही घूम रहे हैं। हरियाणा की मंडियों में सीजन में एक बार भाव 5650 रुपए तक हो गए थे। 5450 रुपए तो करीब एक महीना तक बिका था। इसके बाद कपास का भाव गिरकर 4800 रुपए तक आ गया। अब यह 5000/5100 रुपए के बीच चल रहा है।

loading...