आम बजट 2018: इस बार तो बस किसानों पर मेहरबान रही सरकार

arun jaitley budget 2018

इन्फोपत्रिका, नई दिल्ली.
बजट पेश किया जा चुका है. कहीं पर निराशा है तो कहीं पर खुशी. इस बार का बजट किसानों के लिए अच्छा माना जा रहा है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार आगामी खरीफ की फसलों को उत्पादन लागत से कम-से-कम डेढ़ गुना कीमत पर लेगी. टमाटर, आलू और प्याज जैसी खाद्य वस्तुओं के लिए ‘ऑपरेशन फ्लड’ की तर्ज पर ‘ऑपरेशन ग्रीन’ लॉन्च होगा, जिसके लिए सरकार 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी.

इसके अलावा वित्त मंत्री ने बताया कि जिन पौधों का उपयोग दवाइयों में इस्तेमाल होता है, उनका उत्पादन बढ़ाने की कोशिश की जाएगी. यही नहीं, जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

कितना पैसा मिलेगा इस सेक्टर को

बजट में कृषि और उससे संबंधित सेक्टर के लि‍ए कुल 63 हजार 836 करोड़ रुपए का आवंटन कि‍या गया है. पि‍छले साल इसमें 58,663 करोड़ का आवंटन कि‍या गया था. इसका मतलब ये हुआ कि 2017-18 के मुकाबले इस बार 5173 करोड़ रुपए ज्यादा दिए गए हैं. जेटली ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 तक कि‍सानों की आय दोगुनी करने का वादा कि‍या था और सरकार इसे पूरा करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है.

कम से कम डेढ़ गुना ज्यादा MSP

सरकार ने तय कि‍या है कि‍सानों को उनकी फसल का अच्छा दाम मिलेगा. फसल पर जो लागत आई होगी, MSP उससे कम से कम डेढ़ गुणा ज्यादा होगी. जेटली ने कहा कि सरकार ने रबी की फसलों के लि‍ए जो MSP तय की है, वही इसी फॉर्मूले पर आधारित है. जेटली ने कहा कि MSP को बढ़ाना ही काफी नहीं है, ये भी देखना होगा कि अगर बाजार में दाम MSP से कम हैं तो या तो सरकार कि‍सानों से फसल खरीदे या कोई दूसरी व्यवस्था की जाए. सरकार नीति आयोग के साथ मिलकर ऐसा सिस्टम बनाने पर चर्चा करेगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम मिल सके.

कृषि बाजार और संरचना कोष की स्थापना

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 2000 करोड़ की लागत से कृषि बाजार और संरचना कोष स्थापित किया जाएगा. इस कोष का मकसद 22 हजार ग्रामीण कृषि बाजारों और 585 APMC में एग्रीकल्चर मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना होगा, ताकि किसानों की सहायता हो सके. इसके अतिरिक्त मौजूदा 22 हजार रूरल (ग्रामीण) हाट को कृषि बाजारों में बदला जाएगा और उन्हें ई-नैम से जोड़ा जाएगा.

किसानों के लिए अन्य घोषणाएं

– 1290 करोड़ रुपयों की लागत से राष्ट्रीय बांस मिशन बनाने का प्रस्ताव.
– 2000 करोड़ से कृषि बाजार और संरचना कोष की स्थापना.
– मछली और पशुपालन को बढ़ावा देने व इससे जुड़े लोगों के कल्याण हेतु 10 हजार करोड़ के दो फंड बनेंगे. मछली और पशुपालन वाले किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड.
– कृषि ऋण का लक्ष्य 11 लाख करोड़ रुपये.

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