चैन्‍नई सुपरकिंग्‍स को महंगी पड़ सकती हैं ये गलतियां

IPL 2018 : Chennai SuperKings

इन्‍फोपत्रिका क्रिकेट डेस्‍क


चैन्‍नई में मंगलवार को चैन्‍नई सुपरकिंग्‍स (CSK)और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच भिड़ंत होगी। अपने घरेलू मैदान चैन्‍नई सुपर किंग्‍स अभी तक सब टीमों पर भारी पड़ी है। टीम ने आईपीएल के यहां हुए मैचों में से 70 फीसदी में जीत हासिल की है। आईपीएल 2018 का शुरूआती मैच भी टीम जीत चुकी है। मुंबई इंडियन्‍स से धोनी की टीम ने मैच तो जीत लिया लेकिन चैन्‍नई के बल्‍लेबाजों ने जिस तेजी से विकेट गवाएं थे और फिल्डिंग में जितनी गलतियां की, उससे कप्‍तान और बल्‍लेबाजी कोच, दोनों चिंतित है। वहीं दूसरी और दिनेश कार्तिक की कप्‍तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपने पहले मैच में शानदार जीत हासिल की। केकेआर की खास बात यह रही कि उन्‍होंने खेल के हर पक्ष बैटिंग, बॉलिंग और फिल्डिंग में उम्‍दा प्रदर्शन किया था।


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फिल्‍ड पर फुर्ती नहीं दिखा पाए सुपरकिंग्‍स

चैन्‍नई सुपरकिंग्‍स ने जैसी फिल्डिंग मुंबई इंडियन्‍स के साथ हुए मैच में की थी, अगर आज भी उन्‍होंने वैसा ही क्षेत्ररक्षण किया तो टीम के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। मुंबई इंडियन्‍स के खिलाफ मैच में कप्‍तान धोनी अपने फिल्‍डरों से काफी खफा नजर आए थे। इस मैच में साफ हो गया था कि सीएसके को अपनी फिल्डिंग में बहुत सुधार करना है। ब्राओ को अच्‍छे फिल्‍डरों में गिना जाता है लेकिन मुंबई इंडियन्‍स के खिलाफ वो लॉग ऑन में तेजी नहीं दिखा पाए और एक चौक्‍का रोकने में असफल रहे। इस पर धोनी खफा नजर आए। इसके बाद भी ब्रावो एक और चौक्‍का नहीं रोक पाए। धोनी ब्रावो को सर्कल के अंदर लाए और उनकी जगह सुरेश रैना को बाउंड्री के पास तैनात किया। मैच में अपने फिल्‍डरों की सुस्‍ती का असर कप्‍तान धोनी पर साफ नजर आया। कैप्‍टन कूल कई बार खीजते दिखे। मैच में उन्‍होंने इमरान ताहिर, केदार जाधव, शेन वाटसन और मार्क वुड को कई बार फिल्‍ड में इधर से उधर किया।


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बैटिंग का बिखरना

चैन्‍नई सुपरकिंग्‍स के लिए न केवल फिल्डिंग बल्कि बैटिंग भी चिंता का विषय हो सकती है। मुंबई के साथ मैच में एक बार तो चैन्‍नई की बैटिंग लाइन अप बिखरी गई थी। टीम ने 84 रन बनाने में ही 6 विकेट गवां दिए। अब केदार जाधव भी चोट के चलते टीम से बाहर हो चुके हैं। इससे भी टीम की बैटिंग को गहरा धक्‍का लगा है। जाधव एक क्‍लासिकल प्‍लेयर हैं। वो विकेटों की पतझड़ को रोककर रन बनाने में माहिर हैं। मुंबई के साथ शुरूआत तो ठीक हुई लेकिन पावर प्‍ले के अंत में जल्‍दी-जल्‍दी विकेट गिर गए। कोलकाता के साथ मैच में न केवल टीम के टॉप ऑर्डर को अच्‍छा प्रदर्शन करना होगा बल्कि मीडिल ऑर्डर को भी विकेट रोककर रन बनाने होंगे। जल्‍दी-जल्‍दी विकेट गिरने से टीम के पूछल्‍ले बल्‍लेबाज दबाव में आ जाते हैं और वे बड़े शॉट्स खेलने से बचते हैं। इससे रन रेट प्रभावित होती है और टीम बड़ा स्‍कोर खड़ा करने या बढी हुई रन रेट को पूरा करने में फेल हो जाती है।

क्‍या ये उम्र का असर है

चैन्‍नई सुपरकिंग्‍स ने इस बार आईपीएल की बोली में अनुभव को उम्र पर तरजीह दी थी। उसकी टीम में बहुत से खिलाड़ी 30 साल या उससे बड़ी उम्र के हैं। इसका असर फिल्डिंग में दिख भी रहा है। हालांकि टीम के बैटिंग कोच हसी उम्र के प्रभाव को नजरअंदाज करते हैं। हसी का कहना है कि अनुभव बहुत मायने रखता है। टी-20 में अनुभवी खिलाड़ी कभी भी मैच का पासा पलट सकता है।


हसी ने मीडिया से बातचीत में माना कि टीम को फिल्डिंग में सुधार करना होगा और पिछले मैच में फिल्डिंग अप टू द स्‍टैंडर्ड नहीं थी। आने वाले समय में यह टीम के लिए एक चैलेंज बन सकती है। फिल्डिंग में सुधार की गुंजाइश है। कुछ महत्‍वपूर्ण क्षेत्र है जिन पर हम फोकस कर रहे हैं। जब गेंद किसी एक क्षेत्र में जाती है तो हम चाहते हैं कि दूसरे क्षेत्र का खिलाड़ी भी उस क्षेत्र में मदद के लिए आए ताकि बाउंड्री रोकी जा सके और गलतियों को सुधारा जा सके।

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